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The SAMANTA Blog
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आकलन (Assessment) के विभिन्न उपयोग
बच्चों के लिए Assessment बच्चों का Assessment केवल परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उनके समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। इसमें बच्चे के विषय-ज्ञान, समझने की क्षमता, पढ़ने-लिखने के कौशल, गणितीय क्षमता, रचनात्मकता, समस्या-समाधान की क्षमता, अनुशासन, आत्मविश्वास, सहयोग की भावना, नैतिक मूल्यों तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भागीदारी का भी मूल्यांकन किया जाना चाहिए। शिक्षकों के लिए Assessment शिक्षकों का Assessment उनके कार्य की ग
Samanta
Aug 121 min read


Assessment: डर नहीं, सीखने और बेहतर बनने का अवसर
केवल पेपर देना या अच्छे अंक लाना ही Assessment नहीं है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके द्वारा हम यह जान पाते हैं कि हमने कितना सीखा है, क्या अच्छी तरह समझा है और किन विषयों पर अभी और मेहनत करने की ज़रूरत है। Assessment हमें अपनी क्षमताओं को पहचानने और अपनी कमियों को सुधारने का अवसर देता है। यह हमारी सीखने की कोशिश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमें Assessment से डर क्यों लगता है? अक्सर हम Assessment का नाम सुनते ही घबरा जाते हैं। हमें लगता है कि यदि नंबर कम आए, तो लोग हमारा मज़ा
Samanta
Aug 122 min read


Assessment: सीखने को समझने का एक तरीका
पहले मुझे लगता था कि आकलन का मतलब सिर्फ़ परीक्षा लेना और बच्चों को अंक देना होता है। लेकिन बच्चों के साथ काम करते-करते मुझे समझ आया कि आकलन इससे कहीं ज़्यादा है। यह बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को समझने का एक बहुत अच्छा तरीका है। हर बच्चा अलग होता है। कोई जल्दी सीखता है, तो किसी को थोड़ा ज़्यादा समय और अभ्यास की ज़रूरत होती है। इसलिए सभी बच्चों से एक जैसी उम्मीद करना सही नहीं है। जब हम रोज़ कक्षा में बच्चों को पढ़ते, लिखते, बोलते और गतिविधियों में भाग लेते हुए देखते हैं, तभी
Samanta
Aug 122 min read


आकलन: युवाओं के साथ सीखने और बढ़ने की एक साझा यात्रा
एक प्रोग्राम एसोसिएट के रूप में मैंने पिछले एक साल से महसूस किया है कि युवाओं का आकलन केवल उनकी जानकारी या उपलब्धियों से नहीं किया जा सकता। वास्तविक आकलन तब दिखाई देता है, जब कोई युवा पहली बार आत्मविश्वास से अपनी बात रखता है, किसी नए अवसर के लिए आवेदन करने का साहस करता है या अपने समुदाय की जिम्मेदारी अपने हाथों में लेने लगता है। पर्वत यूथ कलेक्टिव (PYC) में हमारा उद्देश्य युवाओं की परीक्षा लेना नहीं, बल्कि उनके सीखने और विकास की यात्रा में उनके साथ चलना है। जून और जुलाई 2026
Samanta
Aug 123 min read


Assessing Teacher Training for Anganwadi Workers
Quality teacher training is the foundation of effective Early Childhood Care and Education (ECCE). In India, Anganwadi Workers (AWWs) play a crucial role in shaping the early learning experiences of children aged 3–6 years. As the first educators for many children, they require continuous professional development to provide safe, inclusive, and engaging learning environments. However, training is meaningful only when its effectiveness is systematically assessed. Assessment of
Samanta
Aug 122 min read


Assessments: Looking Beyond Marks to Understand Growth
When we hear the word assessment, the first thing that often comes to mind is examinations, marks, and report cards. However, in community-based youth development programmes, assessment has a much deeper meaning. It is not only about measuring knowledge but also about understanding how young people learn, grow, develop confidence, and contribute to their communities. At Parvat Youth Collective (PYC), we do not conduct formal examinations or written tests. Instead, we see asse
Samanta
Aug 123 min read


जब आकलन सीखने का तरीका बन जाए
Assessment को Test से क्यों नहीं जोड़ना चाहिए? जब भी हम Assessment शब्द सुनते हैं, तो सबसे पहले हमारे मन में टेस्ट, परीक्षा और नंबरों की तस्वीर आती है। बच्चों के लिए भी Assessment का मतलब अक्सर एक ऐसा टेस्ट होता है, जिसमें गलती करने का डर रहता है। जब भी Assessment की बात होती है, तो सबसे पहले टेस्ट और एग्जाम याद आते हैं। बच्चों को भी लगता है कि अब कॉपी-पेंसिल लेकर बैठना होगा और अगर गलती हुई, तो डाँट पड़ेगी या नंबर कम आएँगे। लेकिन हमारी कक्षा में Assessment बिल्कुल अलग तरीके स
Samanta
Aug 123 min read


Assessment - बच्चों की सीख को समझने का तरीका
जब हम "Assessment" शब्द सुनते हैं, तो अक्सर हमारे मन में परीक्षा और अंकों का विचार आता है। लेकिन मेरे अनुभव में Assessment केवल बच्चों के अंक जानने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समझने का एक तरीका है कि बच्चे क्या सीख रहे हैं, कैसे सीख रहे हैं, कहाँ कठिनाई महसूस कर रहे हैं और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए किस तरह की मदद की जरूरत है। Assessment बच्चों को डराने के लिए नहीं, बल्कि उनकी सीख को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। जब शिक्षक बच्चों को ध्यान से देखते हैं, उनसे सवाल पूछते हैं, उ
Samanta
Aug 123 min read


Assessment: एक सीखने की प्रक्रिया
मेरे लिए असेसमेंट कोई पेपर-पेंसिल टेस्ट या कागजी काम नहीं है। यह मेरे लिए एक सीखने की प्रक्रिया है। इससे मुझे पता चलता है कि मुझे अपने पढ़ने के तरीकों में क्या-क्या बदलाव करने की जरूरत है। आकलन के द्वारा हम पता करते है कि बच्चों ने कितना सीखा, कैसे सीखा और आगे सीखने में उन्हें क्या मदद चाहिए। पढ़ाने का आईना इससे शिक्षक को यह पता चलता है कि जो खेल या गतिविधि उन्होंने क्लास में कराई, क्या बच्चे उसे समझ पाए? अगर बच्चे नहीं समझ पाए, तो शिक्षक को अपनी योजना और तरीक़ों को बदलने क
Samanta
Aug 122 min read


बच्चे और शिक्षक के सीखने की यात्रा
Assessment का उद्देश्य Assessment का मतलब सिर्फ़ परीक्षा लेना या अंक देना नहीं होता है। इसका असली उद्देश्य यह समझना होता है कि बच्चा क्या सीख चुका है, क्या समझ रहा है और उसे आगे किस बात में मदद की जरूरत है। कक्षा में हर बच्चा अलग होता है। कोई बच्चा जल्दी सीखता है, तो किसी को सीखने में थोड़ा अधिक समय लगता है। इसलिए हमें बच्चों की तुलना करने के बजाय उनकी सीखने की प्रक्रिया को समझना चाहिए। assessment बच्चों की कमियाँ निकालने के लिए नहीं होता, बल्कि उनकी प्रगति को जानने और उन्हें
Samanta
Aug 122 min read


नामांकन में आने वाली चुनौतियाँ और समाधान
विद्यालय में नामांकन (Enrolment) के दौरान मुझे कई प्रकार की चुनौतियों का अनुभव हुआ है। इनमें सबसे प्रमुख समस्या आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र से जुड़ी रही है। कई बच्चे ऐसे होते हैं, जिनका जन्म घर पर हुआ होता है, जिसके कारण उनके पास अस्पताल का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होता और जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में कठिनाई आती है। इसी वजह से उनका विद्यालय में समय पर प्रवेश नहीं हो पाता। मेरे अनुभव में ऐसा एक मामला सामने आया, जहाँ दो बच्चों के पास आवश्यक दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं थे। इस स्थिति
Samanta
Jun 92 min read


शिक्षा में समानता
शिक्षा में समानता का अर्थ केवल स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाना, नए स्कूल बनाना या बच्चों का केवल नामांकन करना नहीं है। इसका अर्थ उन सभी बाधाओं को दूर करना है, जो किसी बच्चे को उसके सामाजिक, आर्थिक, लैंगिक या सांस्कृतिक परिवेश के कारण पीछे धकेलती हैं। जब हम शिक्षा में समानता की बात करते हैं, तो हमें चार मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता होती है: 1. लैंगिक समानता बेटियों को केवल स्कूल भेजना ही पर्याप्त नहीं है। हमें उनके लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक और प्रोत्स
Samanta
Jun 92 min read


A commentary: Seeing correlation between Education system and Mindset of people
AI generated The term equity is a complex one to decode in contemporary times. Its meanings vary across contexts, cultures, people, societies and systems. One has own articulation of the term based on their beliefs, knowledge and mindsets. The meaning of the term equity in education subsides with access to knowledge. Education is a tool to empower ourselves and become fearless of the times that are unknown to us. As humans, uncertainty haunts us and we want to come across as
Samanta
Jun 83 min read


Educational Equity: Bridging the Gap Between Access and Opportunity
When we talk about education, we often say that education is a right for all. On paper, this statement sounds powerful and promising. Schools exist, teachers are appointed, textbooks are distributed, midday meals are provided, and numerous government schemes support education. At first glance, it may seem that education has become accessible to everyone. However, when we visit communities, interact with families, and understand the realities of children's lives, a different p
Samanta
Jun 85 min read


शिक्षा में समानता: लिंग, पहुँच, हाशिए के समुदाय और नामांकन
हमारे समाज में शिक्षा बहुत ज़रूरी है। शिक्षा से ही बच्चे आगे बढ़ते हैं और अपने जीवन को बेहतर बना पाते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि आज भी हर बच्चे को बराबर मौका नहीं मिल पाता। कोई बच्चा आसानी से स्कूल जा पाता है, तो किसी को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए “शिक्षा में समानता” की बात करना बहुत ज़रूरी हो जाता है। शिक्षा में समानता का मतलब यह नहीं है कि सबको एक जैसा दिया जाए, बल्कि इसका मतलब है कि हर बच्चे को उसकी जरूरत के हिसाब से मदद दी जाए, ताकि वह भी दूसरों की तरह आ
Samanta
Jun 86 min read


Equity in Education- Gender, Access, Marginalized Communities.
बच्चों के साथ काम करते हुए मैंने अनुभव किया है कि जब एक व्यक्ति (शिक्षक) शिक्षा में समानता की बात करते है तो बच्चों को केवल विद्यालय मे एडमिशन करवाने तक सीमित नही है बल्कि जिम्मेदारी तो नामांकन के बाद शुरू होता है। लेकिन असली चुनौती उन्हें स्कूल में बनाए रखना है। पहली या दूसरी कक्षा के छोटे बच्चे अक्सर स्कूल इसलिए नहीं छोड़ते कि वे काम कर रहे हैं, बल्कि इसलिए छोड़ते हैं क्योंकि स्कूल का माहौल उनके लिए नया और डरावना होता है। हमें स्कूल को एक ऐसी सुरक्षित और आनंददायक जगह बनाना
Samanta
Jun 82 min read


शिक्षा में समानता
शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है। सभी बच्चों को बिना किसी भेदभाव के पढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए। लेकिन आज भी कई बच्चे ऐसे हैं जिन्हें अच्छी शिक्षा नहीं मिल पाती। इसका कारण गरीबी, लड़का-लड़की में भेदभाव, दूर-दराज के क्षेत्र, और समाज के हाशिए पर रहने वाले समुदाय हैं। इसलिए शिक्षा में समानता बहुत जरूरी है। सबसे पहले, हमें लड़का और लड़की दोनों को बराबर शिक्षा देनी चाहिए। कई जगहों पर आज भी लड़कियों की पढ़ाई जल्दी छुड़वा दी जाती है। कुछ परिवारों में लड़कों की पढ़ाई को ज्यादा महत्व द
Samanta
Jun 82 min read


शिक्षा में समानता की जरूरत — मेरा अनुभव
शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं मेरा नाम चारु है और मैं बच्चों के साथ काम करती हूँ। बच्चों के साथ काम करते हुए मैंने बहुत-सी ऐसी बातें देखी हैं, जिन्होंने मुझे यह समझाया कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है। शिक्षा का वास्तविक अर्थ है हर बच्चे को सीखने, आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने का समान अवसर देना। लेकिन आज भी हमारे समाज में बहुत से बच्चे ऐसे हैं, जिन्हें ये अवसर आसानी से नहीं मिल पाते। मैं आज भी अपने आसपास के समुदाय में देखती हूँ कि बहुत से बच्चे शिक्षा से जु
Samanta
Jun 84 min read


Reflective note on Competency-Based Assessment
Summative assessment being conducted with a child “Scriven has argued that there is a thin line between summative and formative assessment as it majorly differs in the way feedback from the assessment is used for children to decide next steps”. (Taras M., 2005). He pointed that any assessment done will not improve learning of the child if the process of feedback sharing and utilisation is not intentional. The purpose of assessment has always been ignored and mostly it has bee
Samanta
Mar 203 min read


Assessments: Understanding the Realities of Young People and Girls
1.Rethinking the Meaning of Assessment When we hear the word assessment , we often think of school exams, marks, results, and comparisons. It feels as though assessment is about measuring someone and deciding whether they are successful or not. For many young people, especially girls, the word assessment is connected with fear. They worry that if they do not give the right answers or cannot speak confidently, they will be seen as weak. However, while working with young people
Samanta
Mar 205 min read
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