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छोटी सी पहल

  • Writer: Samanta
    Samanta
  • Jun 16, 2025
  • 2 min read

मई महीने में आंगनवाड़ी केंद्र में कुछ छोटी-छोटी लेकिन बहुत अच्छी उपलब्धियाँ देखने को मिलीं। इस महीने बच्चों ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के साथ मिलकर नए तरीके से काम करना शुरू किया। अब बच्चे कार्यकर्ता के साथ मिलकर गतिविधियाँ कर रहे हैं, जो पहले बहुत मुश्किल लगता था। अच्छी बात यह रही कि इस बार केवल कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि सहायिका भी बच्चों के साथ बैठकर एक्टिविटी कर रही हैं। बच्चों के लिए एक अच्छा माहौल बन गया है, जिसमें वे सब मिलकर सीख रहे हैं।

Anganwadi worker engaging with children
Anganwadi worker engaging with children

पहले बच्चों को एक साथ बिठाकर कोई काम कराना मुश्किल होता था, लेकिन अब बच्चे धीरे-धीरे हमारी बात मानने लगे हैं और वे वही कर रहे हैं जो हम उन्हें सिखाना चाहते हैं। इससे यह लग रहा है कि अब बच्चे केंद्र से जुड़ने लगे हैं।


एक और अच्छी बात यह हुई कि अब बच्चे अपनी पसंद की बातें खुद बताने लगे हैं। वे बता रहे हैं कि उन्हें क्या अच्छा लगता है और वे कौन-सी कविता करना चाहते हैं। कुछ बच्चे तो अपनी मम्मियों के साथ भी एक्टिविटी कर रहे हैं। जब बच्चा अपनी मम्मी को कुछ करते हुए देखता है, तो वह खुद भी वही करता है और जल्दी सीखता है।


Parents participating in activities with children in the Bal Vatika
Parents participating in activities with children in the Bal Vatika

इस महीने बच्चों ने छोटा-बड़ा पहचानना भी सीखा। इस खेल में उनकी मम्मियाँ भी शामिल हुईं, जिससे खेल और भी मजेदार हो गया। मम्मी और बच्चों का साथ में खेलना और सीखना बहुत अच्छा लगा।

इन छोटी-छोटी बातों ने माहौल को बहुत ही अच्छा और सीखने लायक बना दिया। अब बच्चे, कार्यकर्ता, सहायिका और मम्मियाँ – सब मिलकर बच्चों की पढ़ाई में मदद कर रहे हैं। मई महीने का यह अनुभव हमें आगे और बेहतर काम करने की हिम्मत देता है।


By Uma (SEEDS- Educator)

 
 
 

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