आकलन: युवाओं के साथ सीखने और बढ़ने की एक साझा यात्रा
- Samanta
- 2 hours ago
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एक प्रोग्राम एसोसिएट के रूप में मैंने पिछले एक साल से महसूस किया है कि युवाओं का आकलन केवल उनकी जानकारी या उपलब्धियों से नहीं किया जा सकता। वास्तविक आकलन तब दिखाई देता है, जब कोई युवा पहली बार आत्मविश्वास से अपनी बात रखता है, किसी नए अवसर के लिए आवेदन करने का साहस करता है या अपने समुदाय की जिम्मेदारी अपने हाथों में लेने लगता है।
पर्वत यूथ कलेक्टिव (PYC) में हमारा उद्देश्य युवाओं की परीक्षा लेना नहीं, बल्कि उनके सीखने और विकास की यात्रा में उनके साथ चलना है। जून और जुलाई 2026 के दौरान साप्ताहिक ऑनलाइन कॉल, मासिक मिलन, सामुदायिक गतिविधियों, मेंटरिंग और विभिन्न जागरूकता सत्रों के माध्यम से मुझे युवाओं के साथ लगातार जुड़ने और उनके विकास को करीब से देखने का अवसर मिला।

साप्ताहिक कॉल के दौरान जब हमने Conservation Grants, Samvaad Fellowship, Azim Premji Scholarship और अन्य अवसरों की जानकारी साझा की, तो शुरुआत में कई युवा केवल सुन रहे थे। लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने प्रश्न पूछने शुरू किए, अपनी शंकाएँ साझा कीं और आवेदन करने में रुचि दिखाई। उनके इस बदलाव ने मुझे यह समझाया कि आत्मविश्वास भी सीखने का एक महत्वपूर्ण परिणाम है।
इन प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिला। हमारे चार युवा Conservation Grants के पहले चरण के लिए चयनित हुए, जिनमें से सुमित और आफरीन अंतिम चरण तक पहुँचे। वहीं, चारु और रमलेश ने Factor Daily Fellowship सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद बेंगलुरु में अपना कार्य प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त किया। इन उपलब्धियों के पीछे लगातार मार्गदर्शन, संवाद और युवाओं की मेहनत का बड़ा योगदान रहा।
फील्ड विज़िट के दौरान आधार शिविर में युवाओं को समुदाय के लोगों की सहायता करते हुए देखना मेरे लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव था। उन्होंने लोगों को पंजीकरण, दस्तावेज़ों और आवेदन प्रक्रिया में सहयोग दिया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि युवाओं में नेतृत्व, संवाद और समस्या-समाधान जैसी क्षमताएँ व्यवहारिक अनुभवों के माध्यम से विकसित होती हैं।
हरेला वृक्षारोपण अभियान के दौरान युवाओं ने मिलकर विभिन्न विद्यालयों और सामुदायिक स्थानों पर 250 पौधे लगाए। इस गतिविधि ने मुझे यह महसूस कराया कि जब युवाओं को जिम्मेदारी दी जाती है, तो वे केवल कार्य पूरा नहीं करते, बल्कि दूसरों को भी साथ लेकर चलना सीखते हैं।
मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता (MHM) सत्रों में भी सीखने का एक अलग रूप देखने को मिला। शुरुआत में कई किशोरियाँ खुलकर बात करने में संकोच कर रही थीं, लेकिन सत्र के अंत तक वे अपने अनुभव साझा कर रही थीं और खुलकर प्रश्न पूछ रही थीं। उनके इस आत्मविश्वास ने मुझे महसूस कराया कि सुरक्षित और सहयोगी वातावरण सीखने की सबसे मजबूत नींव है।

इसी प्रकार, राजकीय इंटर कॉलेज, श्यामपुर में आयोजित करियर काउंसलिंग सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा, छात्रवृत्तियों, फेलोशिप और करियर विकल्पों से जुड़े कई प्रश्न पूछे। उनकी जिज्ञासा और भविष्य के प्रति गंभीरता यह दर्शाती थी कि सही जानकारी और मार्गदर्शन युवाओं को अपने सपनों की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
एक प्रोग्राम एसोसिएट के रूप में मैंने यह भी सीखा कि आकलन केवल युवाओं का नहीं, बल्कि हमारे अपने कार्य का भी होता है। प्रत्येक गतिविधि के बाद युवाओं से बातचीत करना, उनकी प्रतिक्रियाएँ सुनना और उनके अनुभवों को समझना हमें यह जानने में मदद करता है कि हमारी गतिविधियाँ कितनी प्रभावी हैं और हमें कहाँ सुधार करने की आवश्यकता है।
एक साल के अनुभवों ने मुझे यह सिखाया है कि किसी युवा का विकास अंकों से नहीं मापा जा सकता। उसका आत्मविश्वास, नई चीज़ें सीखने की इच्छा, समुदाय के लिए काम करने का उत्साह और जिम्मेदारी लेने की क्षमता ही उसके वास्तविक विकास के संकेत हैं।
By Gulista
Associate- PYC Program





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