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Assessment: डर नहीं, सीखने और बेहतर बनने का अवसर 

  • Writer: Samanta
    Samanta
  • 7 minutes ago
  • 2 min read

केवल पेपर देना या अच्छे अंक लाना ही Assessment नहीं है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके द्वारा हम यह जान पाते हैं कि हमने कितना सीखा है, क्या अच्छी तरह समझा है और किन विषयों पर अभी और मेहनत करने की ज़रूरत है। Assessment हमें अपनी क्षमताओं को पहचानने और अपनी कमियों को सुधारने का अवसर देता है। यह हमारी सीखने की कोशिश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हमें Assessment से डर क्यों लगता है?

अक्सर हम Assessment का नाम सुनते ही घबरा जाते हैं। हमें लगता है कि यदि नंबर कम आए, तो लोग हमारा मज़ाक उड़ाएँगे या हमें डाँट पड़ेगी। कई बार दूसरों से तुलना होने के कारण भी हमारे मन में डर पैदा हो जाता है। लेकिन मेरा मानना है कि Assessment का उद्देश्य किसी को डराना या असफल साबित करना नहीं है। इसका उद्देश्य यह समझना है कि हम कहाँ अच्छा कर रहे हैं और कहाँ हमें थोड़ा और अभ्यास करने की ज़रूरत है। यदि हम इसे सीखने का अवसर मानें, तो यह डर अपने आप कम हो जाएगा।

माता-पिता का योगदान

Assessment के समय माता-पिता का योगदान बहुत महत्वपूर्ण होता है। उन्हें बच्चों पर केवल अच्छे अंक लाने का दबाव नहीं डालना चाहिए। इसके बजाय, उन्हें बच्चों की मेहनत की सराहना करनी चाहिए, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना चाहिए और उन्हें यह विश्वास दिलाना चाहिए कि हर परिणाम हमें कुछ नया सिखाता है। जब घर का वातावरण शांत और सहयोगपूर्ण होता है, तो बच्चे बिना किसी डर के अपनी पूरी मेहनत से पढ़ाई करते हैं और अच्छे नंबर लाने का प्रयास करते हैं।

शिक्षकों की भूमिका

शिक्षक बच्चों का सही मार्गदर्शन करते हैं। वे केवल पढ़ाते ही नहीं, बल्कि बच्चों को उनकी गलतियाँ समझाकर उन्हें सुधारने का अवसर भी देते हैं। एक अच्छा शिक्षक बच्चों को यह विश्वास दिलाता है कि गलती करना सीखने का हिस्सा है। जब शिक्षक बच्चों का उत्साह बढ़ाते हैं, तो बच्चे अधिक रुचि और आत्मविश्वास के साथ सीखते हैं।

मेरी सोच

मेरे अनुसार, Assessment एक शीशे की तरह है, जो हमें हमारी सीखने की प्रगति दिखाता है। यह हमें समझने में मदद करता है कि हम किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और हमें कहाँ अधिक मेहनत की आवश्यकता है। इसलिए हमें Assessment को डर या गुस्से का कारण नहीं, बल्कि खुद को बेहतर बनाने का एक नया अवसर समझना चाहिए। सही सोच, रोज़ पढ़ने की लगन तथा माता-पिता और शिक्षकों के सहयोग से हर बच्चा आत्मविश्वास के साथ सफलता की ओर आगे बढ़ सकता है।


By Deep Kaur

Samanta Team


 
 
 

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