HEF मेले में चंद्रयान-3 का मॉडल
हाल ही में शहीद मनोज चौहान इंटर कॉलेज, गैंडीखाता में HEF मेला आयोजित हुआ। यह कक्षा 6 से 12 तक का स्कूल है। इस मेले में 26 स्कूलों ने भाग लिया था। हर स्कूल से दो शिक्षक और चार बच्चे मेले में आए थे। बच्चों को अलग-अलग TLM और activities के माध्यम से अपनी learning दिखाने का मौका मिला।
रियासत ने अपनी टीम के साथ चंद्रयान-3 का मॉडल बनाया। इस मॉडल को बनाने में उसने किसी teacher की मदद नहीं ली। उसने अपनी समझ और अपनी सोच से मॉडल तैयार किया।
इस मॉडल को बनाने सहायक की भूमिका निभाई जिसमे पर्याप्त सवाल पूछना, गाइड करना एवं सलाह देना शामिल था। जैसे, इस मॉडल से कौन-कौन से questions पूछे जा सकते हैं, इसका काम क्या है, यह क्या कर रहा है और इसके बारे में बच्चों को क्या बताया जा सकता है।
जब HEF मेले में रियासत ने चंद्रयान-3 का मॉडल present किया और उसके बारे में बताया, तो मुझे उसे देखकर बहुत अच्छा लगा। उसने काफी confidence के साथ मॉडल के बारे में समझाया। वह सिर्फ मॉडल लेकर खड़ा नहीं था, बल्कि उसे यह समझ थी कि वह क्या दिखा रहा है और उसके बारे में लोगों को क्या बताना है।
उस समय मुझे लगा कि रियासत के अंदर सीखने की इच्छा बहुत ज्यादा है।
कक्षा में भी दिखती है उसकी curiosity
रियासत की यह curiosity केवल HEF मेले तक ही नहीं है। कक्षा में भी जब हम कोई नई activity या experiment करते हैं, तो वह बहुत ध्यान से उसमें participate करता है।

एक दिन हमने बच्चों के साथ food में fat की पहचान करने का experiment किया। बच्चों को यह देखना था कि किन चीजों में fat है और किन चीजों में नहीं है।
इस activity के दौरान रियासत बहुत interested था। वह ध्यान से चीजों को देख रहा था, सवाल पूछ रहा था और यह समझने की कोशिश कर रहा था कि result ऐसा क्यों आया।
उस समय मुझे लगा कि रियासत की सबसे अच्छी बात केवल उसका active होना नहीं है, बल्कि उसकी सीखने और जानने की इच्छा है।
रियासत के साथ काम करते हुए मैंने भी एक बात सीखी है कि हर बच्चे की अपनी एक खासियत होती है। एक बच्चा हर सवाल का सही जवाब न दे, फिर भी वह सीखने के लिए interested हो सकता है।
रियासत मुझे यह समझाता है कि बच्चे को मौका देना बहुत जरूरी है। जब उसे खुद कुछ बनाने, सवालों के जवाब देने और अपनी बात दूसरों के सामने रखने का मौका मिलता है, तो उसका confidence बढ़ता है।
चंद्रयान-3 का मॉडल बनाना और HEF मेले में उसे present करना रियासत के लिए सिर्फ एक activity नहीं थी। यह उसके लिए अपनी learning को दूसरों के सामने रखने का एक मौका था।

एक educator के रूप में मेरे लिए यही सबसे अच्छी बात है जब बच्चा केवल answer याद करने की कोशिश न करे, बल्कि सवाल पूछे, चीजों को समझने की कोशिश करे, खुद कुछ बनाए और अपनी बात confidence के साथ दूसरों को बताए।
रियासत अभी सीख रहा है, लेकिन उसकी सीखने की इच्छा और curiosity देखकर मुझे खुशी होती है। मुझे लगता है कि अगर उसे इसी तरह सीखने और अपनी बात रखने के मौके मिलते रहें, तो वह आगे बहुत कुछ सीख सकता है।
By Charu
Samanta Team





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