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Assessment - बच्चों की सीख को समझने का तरीका

  • Writer: Samanta
    Samanta
  • 52 minutes ago
  • 3 min read

जब हम "Assessment" शब्द सुनते हैं, तो अक्सर हमारे मन में परीक्षा और अंकों का विचार आता है। लेकिन मेरे अनुभव में Assessment केवल बच्चों के अंक जानने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समझने का एक तरीका है कि बच्चे क्या सीख रहे हैं, कैसे सीख रहे हैं, कहाँ कठिनाई महसूस कर रहे हैं और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए किस तरह की मदद की जरूरत है।

Assessment बच्चों को डराने के लिए नहीं, बल्कि उनकी सीख को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। जब शिक्षक बच्चों को ध्यान से देखते हैं, उनसे सवाल पूछते हैं, उनकी कॉपियाँ देखते हैं, उन्हें गतिविधियाँ करते हुए देखते हैं और उनसे बातचीत करते हैं, तब भी Assessment हो रहा होता है।


Assessment को मुख्य रूप से तीन भागों में समझा जाता है।

1. Assessment for Learning

यह Assessment सीखने के दौरान किया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों को अंक देना नहीं, बल्कि यह जानना होता है कि बच्चे कहाँ तक समझ पाए हैं और उन्हें आगे क्या सिखाने की जरूरत है।

उदाहरण के लिए, यदि मैं बच्चों के साथ Sink and Float का प्रयोग करा रही हूँ, तो सबसे पहले मैं उनसे पूछती हूँ कि पत्थर और लकड़ी में से कौन डूबेगा और कौन तैरेगा। बच्चों के उत्तर सुनकर मुझे पता चलता है कि वे पहले से क्या जानते हैं। अगर किसी बच्चे को समझ नहीं आता है, तो मैं उसी समय उसे दोबारा समझाती हूँ।

इस प्रकार, Assessment for Learning शिक्षक को अपनी पढ़ाने की प्रक्रिया में बदलाव करने में मदद करता है।


Baselin
Baselin

2. Assessment as Learning

इस प्रकार के Assessment में बच्चा खुद अपनी सीख के बारे में सोचता है। वह समझता है कि उसने क्या सीखा, कहाँ गलती हुई और उसे क्या सुधारना है।

उदाहरण के लिए, विज्ञान का प्रयोग करने के बाद मैं बच्चों से पूछती हूँ:

  • आज आपने क्या नया सीखा?

  • आपका पहला अनुमान सही था या नहीं?

  • अगर दोबारा मौका मिले, तो आप क्या अलग करेंगे?

जब बच्चे खुद अपनी सीख पर विचार करते हैं, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी गलतियों से सीखते हैं।


3. Assessment of Learning

यह Assessment तब किया जाता है, जब किसी पाठ या विषय की पढ़ाई पूरी हो जाती है। इसका उद्देश्य यह जानना होता है कि बच्चे ने कितना सीखा है।

इसके लिए टेस्ट, मौखिक प्रश्न, वर्कशीट या कोई गतिविधि कराई जा सकती है।

उदाहरण के लिए, Water Cycle पढ़ाने के बाद बच्चों से पूछा जा सकता है कि बारिश कैसे होती है या उनसे Water Cycle का चित्र बनवाया जा सकता है। इससे पता चलता है कि बच्चों ने विषय को कितना समझा है।


Assessment क्यों जरूरी है?

  • बच्चों की सीख को समझने के लिए।

  • बच्चों की कठिनाइयों की पहचान करने के लिए।

  • पढ़ाने के तरीके को बेहतर बनाने के लिए।

  • बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए।

  • हर बच्चे की सीखने की गति को समझने के लिए।

  • केवल अंकों को नहीं, बल्कि पूरी सीखने की प्रक्रिया को देखने के लिए।


निष्कर्ष

मेरे लिए Assessment का मतलब केवल परीक्षा लेना नहीं है। यह बच्चों की सीखने की पूरी यात्रा को समझने का एक माध्यम है। जब Assessment को सही तरीके से किया जाता है, तो शिक्षक को यह पता चलता है कि बच्चों को कहाँ मदद की जरूरत है, बच्चों को अपनी प्रगति का पता चलता है और अभिभावकों को भी बच्चों की सीख के बारे में सही जानकारी मिलती है।

Assessment का उद्देश्य बच्चों को जाँचना नहीं, बल्कि उन्हें आगे बढ़ाना है। यही अच्छी शिक्षा की पहचान है।


By Charu

Samanta Team

 
 
 

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