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बच्चे और शिक्षक के सीखने की यात्रा

  • Writer: Samanta
    Samanta
  • 8 hours ago
  • 2 min read

Assessment का उद्देश्य

Assessment का मतलब सिर्फ़ परीक्षा लेना या अंक देना नहीं होता है। इसका असली उद्देश्य यह समझना होता है कि बच्चा क्या सीख चुका है, क्या समझ रहा है और उसे आगे किस बात में मदद की जरूरत है।

कक्षा में हर बच्चा अलग होता है। कोई बच्चा जल्दी सीखता है, तो किसी को सीखने में थोड़ा अधिक समय लगता है। इसलिए हमें बच्चों की तुलना करने के बजाय उनकी सीखने की प्रक्रिया को समझना चाहिए।

assessment बच्चों की कमियाँ निकालने के लिए नहीं होता, बल्कि उनकी प्रगति को जानने और उन्हें आगे बढ़ने में मदद करने के लिए होता है।


बच्चो और शिक्षकों के लिए Assessmentके मायने

बच्चों के लिए assessment अपनी सीख को समझने का एक तरीका होता है। इससे उसे पता चलता है कि उसने अभी क्या सीखा है, क्या सीखना बाकी है और आगे किन चीजों पर मेहनत करके अपने स्तर को बढ़ा सकता है।

जब मैंने बच्चों का assessment लिया, तो मुझे पता चला कि बच्चे कितना समझ रहे हैं, किन बच्चों को कहाँ अधिक मदद की जरूरत है और पढ़ाने के तरीके में कहाँ बदलाव लाने की आवश्यकता है।

इस तरह assessment हमारे लिए भी सिर्फ़ एक टेस्ट या अंक देने का माध्यम नहीं होता है। इससे हम यह जान पाते हैं कि कौन-सा बच्चा अभी किसी विषय को अच्छी तरह नहीं समझ पा रहा है, कौन-सा बच्चा सीखने में कठिनाई महसूस कर रहा है और बच्चे अभी सीखने की प्रक्रिया में कहाँ तक पहुँचे हैं। इसके आधार पर हम अपने पढ़ाने के तरीके में बदलाव करते हैं, जिससे बच्चों को बेहतर तरीके से सीखने में मदद मिलती है।

जब assessment बिना डर और दबाव के किया जाता है, तो बच्चे खुलकर सीखते हैं और सवाल पूछने में भी हिचकिचाते नहीं हैं। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और सीखना उनके लिए एक खेल जैसा बन जाता है।


एक अच्छा assessment कैसा होना चाहिए?

Assessment प्रक्रिया से बच्चों को डर नहीं लगना चाहिए। इसमें बच्चों की गलतियाँ निकालने के बजाय उन्हें सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।


Assessment क्यों जरूरी है?

Assessment इसलिए जरूरी है क्योंकि हर बच्चा अलग-अलग तरीके से सीखता है और हर बच्चे की सीखने की गति भी अलग होती है। कोई बच्चा धीरे सीखता है, तो कोई बच्चा जल्दी सीख जाता है। Assessment के माध्यम से हम बच्चों की जरूरतों को समझ पाते हैं और उसी के अनुसार उन्हें सीखने में मदद करते हैं। इससे बच्चों के लिए सीखना आसान और रुचिकर हो जाता है।


मेरी सोच

मेरे लिए Assessment केवल बच्चों के अंक देखने का तरीका नहीं है, बल्कि यह बच्चों के सीखने के स्तर को समझने का एक तरीका है। इससे मुझे पता चलता है कि बच्चा क्या जानता है, क्या समझ रहा है और किन बातों में उसे अभी और मदद की जरूरत है।

Assessment मुझे अपनी शिक्षण पद्धति पर सोचने का भी अवसर देता है। अगर बच्चे किसी विषय को अच्छी तरह से नहीं समझ पा रहे हैं, तो मैं अपने पढ़ाने के तरीके में भी बदलाव करूँगी और उसे सरल, रोचक और गतिविधि-आधारित बनाने की कोशिश करूँगी। इससे बच्चों को सीखने में आसानी होगी और वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे।

इसी तरह, Assessment बच्चों और शिक्षक दोनों के लिए सीखने और लगातार बेहतर बनने की प्रक्रिया है।


By Subhangi

Samanta Team

 
 
 

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