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Assessment: एक सीखने की प्रक्रिया

  • Writer: Samanta
    Samanta
  • 7 hours ago
  • 2 min read

मेरे  लिए असेसमेंट कोई पेपर-पेंसिल टेस्ट या कागजी काम नहीं है। यह मेरे लिए एक सीखने की प्रक्रिया है। इससे मुझे पता चलता है कि मुझे अपने पढ़ने के तरीकों में क्या-क्या बदलाव करने की जरूरत है। आकलन के द्वारा हम पता करते है कि बच्चों ने कितना सीखा, कैसे सीखा और आगे सीखने में उन्हें क्या मदद चाहिए।


​पढ़ाने का आईना

इससे शिक्षक को यह पता चलता है कि जो खेल या गतिविधि उन्होंने क्लास में कराई, क्या बच्चे उसे समझ पाए? अगर बच्चे नहीं समझ पाए, तो शिक्षक को अपनी योजना और तरीक़ों को बदलने का ठोस सबूत मिलता है।


गहराई से समझें: छोटे बच्चों की क्लास में अगर आपने 'संख्या पहचान' के लिए कोई नया खेल खिलाया और देखा कि 10 में से 6 बच्चे उसमें उलझ रहे हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि बच्चे कमजोर हैं। इसका सीधा इशारा यह है कि गतिविधि के तरीके में बदलाव की जरूरत है।


बदलाव कैसे लाएं: हो सकता है कि जो अमूर्त तरीका हम अपना रहे थे, उसकी जगह हमें और अधिक ठोस चीजों (जैसे कंकड़, पत्तियां या ब्लॉक्स) का उपयोग करना पड़े। यह आईना शिक्षक को हर दिन एक बेहतर मेंटर बनने में मदद करता है।


सहारे का तरीका: अगर किसी बच्चे को अक्षरों को पहचानने में दिक्कत आ रही है, तो हम उसे डांटने या बार-बार रटवाने के बजाय, 'रेत पर उंगली से अक्षर बनाना' या 'अक्षरों के फ्लैश कार्ड्स के साथ लुका-छिपी खेलना' जैसी अलग तरकीबें अपना सकते हैं। यह असेसमेंट ही है जो हमें बताता है कि किस बच्चे को कब और कितनी मदद की जरूरत है।


​पोर्टफोलियो और एसेसमेंट 

यह हर बच्चे के सीखने की यात्रा को दर्ज करने का माध्यम है, जो शिक्षक को लगातार उनके सिखाने के तरीको पर feedback भी है।


गहराई से समझें: जब सत्र की शुरुआत में कोई बच्चा सिर्फ आड़ी-तिरछी लकीरें  खींचता था, और दो महीने बाद वह एक चक्र बनाने लगता है या अपने नाम का पहला अक्षर लिखने की कोशिश करता है, तो यह बदलाव पोर्टफोलियो में साफ दिखता है।


माता-पिता के साथ जुड़ाव: जब आप पेरेंट्स मीटिंग (PTM) में माता-पिता को केवल मार्क्स बताने के बजाय उनका पोर्टफोलियो दिखाते हैं जिसमें बच्चे के बनाए चित्र और उसकी रचनात्मक गतिविधियां होती है तो माता-पिता का स्कूल और शिक्षक पर भरोसा कई गुना बढ़ जाता है। वे देख पाते हैं कि उनका बच्चा रट नहीं रहा, बल्कि सच में विकसित हो रहा है।

By Sakshi

Samanta Team

 
 
 

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