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  • Samanta

YOUNG MINDS




समानता फाउंडेशन या यूं कहूं समानता फैमिली । मेरी जिंदगी में एक उम्मीद का दिया बनकर आए जिसने मुझे भरोसा दिलाया कि मैं भी कुछ कर सकता हूं ।मुझे भरोसा दिलाया की मैं भी कुछ कर सकता हु ।


शुरुआत मै काफी परेशानियो का सामना करना पड़ा जैसे–लेसन प्लान क्या होता है ? लेसन प्लान बनाना क्यों जरूरी है ? और लेसन प्लान केसे बनाए ? , बच्चो के प्रति केसा व्यवहार रखे ? बच्चो और अपने बीच की दूरी? , समय प्रबंधन , कहानियों को लेके सवाल ? कहानियो को लेके समझ ।


मेरी सभी परेशानियो / समस्याओं के लिए ट्रेनिंग दी और मेरे साथ समय बिताया चर्चा की मेरी समझ को बेहतर किया ।जो मैं आज हु इसमें गुनीत भाई और तानिया दी की भूमिका सबसे अधिक है गुनित भाई ने लेसन प्लान की ट्रैनिंग दी तानिया दी ने समय का सही उपयोग केसे करे ये सिखाया ।

बच्चे और अपने बीच की दूरियां दूर की ओर सबसे महत्वपूर्ण कहानियों का महत्व ।

जो प्रभाव एक कहानी बच्चे पे डाल सकती है शायद ही कोई और चीज इतना प्रभाव डाले ।


साथ ही साथ पुस्तकालय निर्माण का अपना अलग ही अनुभव है। आप जरा सोचिए एक चार दीवारों का कमरा जो बहुत ही रोचक कहानियों ,किताबो से भरा पड़ा है।आप उनके साथ क्या क्या कर सक्ते हैं। पुस्तकाल्य की बारिकिया पुस्तको की एहमियत और प्रभाव एक अपने आप में अलग विषय है।

जितना बदलाव मैने अपने अंदर इन २ महीनो मैं महसूस किया है शायद ही कभी महसूस किया होगा अब मेरा दिन पहले से ज्यादा व्यवस्थित नज़र आता है।


मेरे हौसले मे अभी जान बाकी है

ये तो दौड़ भर थी अभी उड़ान बाकी है,

मेरी सादगी से मेरे बारे में अंदाजा मत लगाना

ये तो शुरुआत भर थी अंजाम अभी बाकी हैं


SHOAIB

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