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  • Writer's pictureSamanta

मेरा लक्ष्य

हैलो मैं सोनम हूं। मैं समानता का एक हिस्सा हूं। मैं एक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाती हूं। मुझे एक महीने में बच्चों से बहुत लगाव हो गया है और बच्चे भी बहुत जल्दी मुझसे जुड़ गए हैं। मुझे बहुत अच्छा लगता है उन्हें पढ़ना और जब वह मुझसे सवाल पूछते हैं तो मुझे बहुत खुशी होती है। स्कूल के बच्चों में पढ़ने का एक जुनून है। वह रोज स्कूल आते हैं और हम रोज खेल खेल के माध्यम से कुछ ना कुछ सीखते हैं ।



स्कूल के अध्यापकों से भी मेरा रिश्ता काफी अच्छा हो गया है और मुझे बहुत खुशी होती है कि मैं जिन बच्चों को पढ़ती हूं वह आगे बढ़ रहे हैं। जब से मैंने स्कूल जाना व उन्हें पढ़ना शुरू किया है तब से मेरा जीवन बहुत अच्छा हो गया है। मैं भी उनके साथ-साथ कुछ ना कुछ सिखाती हूं । स्कूल का स्टाफ भी मेरी बहुत मदद करता है, जो चीजें मुझे नहीं आती वह मुझे समझा देते हैं और मुझे बेहद खुशी मिलती है। मैं प्रतिदिन बच्चों को कुछ ना कुछ एक्टिविटीज कराती रहती हूं।  जिससे उन्हें बेहद खुशी मिलती है। गर्मी की छुट्टियों में मैंने समर कैंप करवाया जिसके माध्यम से मैं बच्चों के साथ और अच्छे से जुड़ पाई और बच्चों को बेहद खुशी मिली।



समर कैम्प करवाने में मेरी मदद समानता के स्टाफ ने भी की। स्कूल के अध्यापकों से भी मुझे काफी कुछ सीखने को मिलता है। मुझे एक टीचर के रूप  बहुत अच्छा लगता है और मेरा लक्ष्य है कि  मैं बच्चों को बहुत आगे तक ले जाऊं और अब मैं अपने लक्ष्य में जरूर कामयाब होऊंगी ।


By Sonam


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